मंत्र सिद्ध चैतन्य “स्फटिक माला”:

महालक्ष्मी की प्रसन्‍नता देवी की उपासना स्फटिक माला से की जाती है। मंत्र सिद्ध चैतन्य स्फटिक माला धारण करने से चंद्र ग्रह अपने अनुकूल होता है तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है। भगवान शिव की प्रसन्‍नता भी इस माला को धारण करने से प्राप्त होती है, यह भगवती लक्ष्मी का स्वरुप ही है। यदि स्फटिक माला पूजा स्थान में रहती है और उससे नित्य “ॐ श्री लक्ष्मयै नम:” मंत्र का जप किया जाए तो वह स्फटिक माला पूर्ण लक्ष्मी का स्वरुप बन जाएगी और उसके घर में लक्ष्मी निरंतर बनी रहती है….

यदि कोई व्यक्ति स्फटिक माला धारण किए रहता है तो उसके जीवन में आर्थिक अभाव रह ही नहीं सकता। यदि स्फटिक माला धारण करके किसी से मिलने जाता है तो उसका कार्य निश्चित रुप से होता है। स्फटिक माला लक्ष्मी का चित्र रख कर इसे पूजा स्थान में रख दें तो जब तक यह माला और चित्र घर में रहेंगे तब तक लक्ष्मी का आगमन बना रहेगा…

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